- सिवाना दुर्ग का इतिहास। Barmer news track

सिवाना दुर्ग का इतिहास। Barmer news track

सिवाना दुर्ग का इतिहास। Fort sivana history।। Barmernewstrack

सिवाना दुर्ग का इतिहास। Fort sivana history।। Barmernewstrack
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सिवाना दुर्ग

सिवाना बाड़मेर से 104 किलोमीटर तथा बालोतरा से 36 किलोमीटर दूर स्थित है दुर्ग पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले का एकमात्र ऐतिहासिक दुर्गे है सिवाना दुर्ग का निर्माण 10 वीं शताब्दी में राजा भोज के पुत्र नारायण पवार ने करवाया था इसके बाद सिवाना दुर्ग जालौर के सोनगरा चौहान और मुगल शासक अलाउद्दीन खिलजी के अधिकार में भी रहा सिवाना का दुर्ग जोधपुर से 54 मील पश्चिम की ओर स्थित है सिवाना दुर्ग के पूर्व में नागौर पश्चिम में बाड़मेर तथा उत्तर में पचपदरा और दक्षिण में जालौर स्थित है
 वैसे यह दुर्ग रेतीले टीलों से गिरा हुआ है . साथ-साथ छप्पन  की पहाड़ियों का भी सिलसिला शुरू होता है सिवाना दुर्ग छप्पन की  पहाड़ियों पर हल्देश्वर नामक पहाड़ी पर स्थित है
 सिवाना दुर्ग का निर्माण 10 वीं शताब्दी में परमार शासक वीर नारायण पवार ने करवाया था 10 वीं शताब्दी में ही जालोर दुर्ग का भी निर्माण हुआ था

 सिवाना दुर्ग कों  कुमट गढ़ भी कहा जाता है

 क्योंकि दुर्ग के आसपास कुमत नामक की झाड़ी अधिकतम मात्रा में पाई जाती हैं। इसी कारण इस दुर्ग का उपनाम  कोमट गढ़ दुर्ग भी पड़ा । इसी दुर्ग को अन्नखेलो शिवानो कहा जाता है।
सिवाना दुर्ग मारवाड़ शासकों की शरण स्थली रहा है।
मारवाड़ के शासकों की आपातकालीन स्थिति में मारवाड़ के शासक इसी दुर्ग में शरण लेते थे वर्तमान में इसी दुर्ग में जो महलों की स्थिति है वह बहुत ही खंडर स्थिति में है। 
दुर्ग को जीतने का श्रेय राव चंद्रसेन को दिया जाता है । सिवाना के दुर्ग में दो शासकों ने शरण ली पहले महाराजा अजीत सिंह ने और दूसरी शासक राव चंद्रसेन की शरण स्थली रहा सन 1576 में सेनापति शाहबाज खान नए राव चंद्रसेन से यह दुर्ग छीन  लिया ।
इसी दुर्ग को जालौर दुर्ग की कुंजी भी कहा जाता है क्योंकि कहा जाता है कि जालौर दुर्ग को जीतने से पहले इस दौरे को जीतना बहुत जरूरी थासिवाना दुर्ग का इतिहास। Fort sivana history।। Barmernewstrack

सिवाना दुर्ग में प्रमुख दो साके हुए-

1. प्रथम साका 1508 ईसवी में हुआ -

 1508  मैं सिवाना दुर्ग के शासक सातल देव व सोमदेव चौहान थे उस समय मुगल शासक अलाउद्दीन खिलजी ने इस दुर्ग पर आक्रमण किया और अलाउद्दीन खिलजी ने को जीतकर इस दुर्ग का नाम खैराबाद रखा। उस समय बहुत सी नारयो ने जौहर किया जो प्रथम शाके रूप में विदित है।

2. दूसरा साका सन 1559 मैं -

उस समय सिवाना दुर्गे प्रतापी शासक कल्लाजी रायमलोत थे। 
उसमें आक्रमण मोटा राजा उदयसिंह ने किया था उदय सिंह मारवाड़ के राजा चंद्रसेन के भाई थे 
मोटा राजा उदय सिंह को उस समय तो आक्रमण करने भेजा गया था वह अकबर द्वारा भेजा गया था क्योंकि अकबर बूंदी की राजकुमारी से शादी करना चाहते थे। लेकिन अकबर से पहले शिवाना के शासक कल्ला जी ने बूंदी की राजकुमारी से शादी कर ली इसलिए अकबर नाराज हो गया और मोटा राजा को भारी मात्रा में रकम और सेना भेजकर शिवाना पर आक्रमण करने के लिए भेजा  । और मोटा राजा उदयसिंह ने शिवाना पर विजय हासिल की प्रतापी शासक कल्लाजी वीरगति को प्राप्त हो गए के बाद मोटा राजा ने सिवाना दुर्ग पर अपना अधिकार जमा लिया जिससे वहां की रानियों ने जोहर किया जो दित्य साके के रूप में विदित है युद्ध में लड़ते समय शिवाना के शासक कल्लाजी जब वीरगति को प्राप्त हुए तब उनका सिर अलग स्थान पर धड़  अलग स्थान पर पड़ा इसीलिए वहां पर कला जी की दो समाधिया बनाई गई ।
1538 में राव मालदेव ने अपना अधिकार स्थापित किया और अपनी सुरक्षा दृष्टि को नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया और परकोटे का भी निर्माण करवाया


सिवाना दुर्ग में तालाब स्थित है

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सिवाना दुर्ग में तालाब स्थित है

 का पानी आज तक खत्म नहीं हुआ।
राजस्थान में भले ही कितने भी अकाल पड़े हो लेकिन पश्चिमी राजस्थान के सिवाना दुर्ग के इस तालाब में पानी कभी खत्म नहीं हुआ तालाब का तल आज तक नहीं देखा ।
इसकी गहराई का अंदाजा आज तक भी किसी को नहीं हुआ

सिवाना दुर्ग का अभिलेख

सिवाना दुर्ग के अंदर दित्य द्वार की तरफ शिलालेख लगे हुए हैं । राव मालदेव ने सिवाना दुर्ग पर विजय के उपरांत इस शिलालेख में वर्णन करवाया।


वर्तमान सिवाना

वर्तमान में शिवाना भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े जिले बाड़मेर की एक प्रमुख तहसील है
सिवाना बाड़मेर से 150 किलोमीटर दूर स्थित है स्थान प्रमुख रूप से अपने किले के लिए प्रसिद्ध है जिसको स्थानीय लोगों द्वारा गढ़ सिवाना के नाम से भी बहुत प्रसिद्ध है मैं आंकड़े 2011 के अनुसार 130 गांव में जनसंख्या 213648 है


शिवाना की समुद्र तल से ऊंचाई 184 मीटर है
संपूर्ण आबादी 213748 शिवाना की प्रमुख बोलियां में की प्रमुख मारवाड़ी बोली तथा हिंदी भाषा का प्रयोग होता है शिवाना का पिन कोड 344044 तथा टेलीफोन कोड  912901 
वाहन पंजीकरण संख्या आरजे 39
निकटतम बड़ा शहर बालोतरा
विधान क्षेत्र शिवाना
लोकसभा क्षेत्र बाड़मेर जैसलमेर
वर्तमान विधायक 2019 अमित सिंह भायल बीजेपी से
शिवाना के प्रमुख स्थल आशापूर्णा मंदिर बाबा रामदेव मंदिर मंच गुरु मंदिर प्रमुख है शिवाना सेट चारों ओर से अरावली पर्वतमाला से गिरा हुआ है एकमात्र बाद मेली बांध स्थित है 
शिवाना का मुख्य पैसा खेती
प्रमुख फसलों में खरीद में बाजरा मूंग तिल गवार व जवार
रवि की फसलों में जीरा सरसों अरंडी आदि प्रमुख है।
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