3 मई को खत्‍म हो रहा लॉकडाउन आगे भी जारी रहेगा या धीरे-धीरे खत्‍म किया जाएगा या अचानक खत्‍म किया जाएगा

तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग LIVE / मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना के मौजूदा हालात पर चर्चा जारी, शाह भी मौजूद; लॉकडाउन लागू रहने या सशर्त हटाने पर विमर्श


Apr 27, 2020
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन खत्म होने से 6 दिन पहले आज मुख्यमंत्रियों के साथ देश के मौजूदा हालात की समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल नहीं हुए। उनकी तरफ से राज्य के मुख्य सचिव मोदी से जुड़े। केरल ने लिखित में अपने सुझाव केंद्र को दे दिए थे। कोरोना महामारी पर मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग है।

लॉकडाउन का दूसरा चरण 3 मई को खत्म होगा। इससे पहले अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार 20 और 25 अप्रैल को दो बार लॉकडाउन में छूट दे चुकी है। हालांकि, कहां-कहां दुकानें खोली जाएं और आर्थिक गतिविधियां शुरू की जाएं, इस पर फैसला राज्यों के ऊपर छोड़ा गया है।
20 मार्च को पहली बार मुख्यमंत्रियों से बातचीत की
देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद 20 मार्च (शुक्रवार) को को प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से संक्रमण रोकने के उपायों पर चर्चा की थी। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को संक्रमण को काबू करने में लोगों और स्थानीय प्रशासन के बीच तालमेल बढ़ाने पर बल देने के लिए कहा था। इस बीच, राज्यों में ट्रेंड स्टाफ बढ़ाने और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग देने के मुद्दे पर विचार किया गया था। इसके अलावा बैठक में बीमारी के इलाज के लिए राज्यों में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई थी।

11 अप्रैल को दूसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई थी
लॉकडाउन का पहला चरण 14 अप्रैल को खत्म हुआ था। इससे पहले भी मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर लॉकडाउन बढ़ाने के पर सुझाव मांगे थे। इस दौरान मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा था, ‘‘जान है तो जहान है। जब मैंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था, तो शुरुआत में इस पर जोर दिया था कि हर नागरिक की जान बचाने के लिए लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन बहुत जरूरी है। जब देश का प्रत्येक व्यक्ति जान भी और जहान भी, दोनों की चिंता करते हुए अपने दायित्व निभाएगा, सरकार और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करेगा, तो कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत होगी।’’



लॉकडाउन - 3 के पक्ष में हैं कई राज्य , पीएम मोदी फिर कर सकते हैं देशवासियों को संबोधित.


नई दिल्ली ।
देश में लॉकडाउन -2 की समयसीमा भी खत्म होने जा रही है । आगामी 3 मई को यह समयसीमा खत्म होगी , लेकिन क्या देश में लॉकडाउन -3 की जरूरत नजर आ रही है । इस सब पर मंथन के लिए सोमवार सुबह से पीएम मोदी देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक चर्चा बैठक कर रहे हैं , जिसमें कोरोना की स्थिति और लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के मुद्दे पर मंथन हो रहा है । हालांकि पिछले दिनों कई राज्यों ने लॉकडाउन को बढ़ाए जाने के पक्ष में अपनी बात रखी है । देश में कोरोना के मरीजों के बढ़ते आंकड़े और मौत की संख्या को ध्यान में रखते ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार कुछ और सशर्त राहतों को साथ लॉकडाउन को बढ़ाने जा रही है । वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार , आने वाले दिनों में एक बार फिर से पीएम मोदी देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेंगे ।

बता दें कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी  40 दिनों की समयसीमा , 3 मई को पूरी हो जाएगी । हालांकि देश के कुछ हिस्सों में जिस तरह से कोरोना अब जाकर बढ़ रहा है , उसे ध्यान में रखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अभी देश में लॉकडाउन की समयसीमा खत्म करने का सही समय नहीं है । देश में अब तक 872 लोगों की कोरोना के चलते मौत हो गई है , जबकि करीब 28 हजार लोग संक्रमित पाए गए हैं।

दिल्ली , महाराष्ट्र , मध्य प्रदेश , राजस्थान , गुजरात , तमिलनाड़ु समेत कई राज्यों में हालात अभी भी चिंताजनक हैं । ऐसे में इस बात की संभावना कम ही है कि सरकार पूरी तरह से लॉकडाउन हटाने वाली है । सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार भी सभी तथ्यों का बारिकी से अध्ययन कर रही है । ऐसी संभावना है कि सरकार कुछ और सशर्त छूट के साथ लॉकडाउन की समय सीमा को कुछ और दिनों के लिए बढ़ा सकती है ।

सूत्रों का कहना है कि सोमवार को पीएम मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद एक नए एक्शन प्लान बनाएंगे और इस सप्ताह के अंत से पहले किसी दिन लॉकडाउन -3 से संबंधित कोई ऐलान कर सकते हैं ।

3 मई को खत्‍म हो रहा लॉकडाउन आगे भी जारी रहेगा या धीरे-धीरे खत्‍म किया जाएगा या अचानक खत्‍म किया जाएगा.!!*

इस पर विचार करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी आज 10 बजे राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं. इससे पहले राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने कुछ मांगें रख दी हैं. उनकी पहली मांग यह है कि केंद्र सरकार लॉकडाउन का फैसला राज्‍यों पर छोड़ दें, ताकि राज्‍य अपनी सुविधानुसार इसे आगे बढ़ाने या खत्‍म करने का फैसला करते रहें. उन्‍होंने यह भी मांग की है कि लॉकडाउन अचानक नहीं हटनी चाहिए. गहलोत ने केवल राजस्‍थान के लिए एक लाख करोड़ का पैकेज भी मांगा है. अब उनकी देखादेखी अन्‍य राज्‍य भी इस तरह की मांग रख सकते हैं. 10 प्‍वाइंट में जानें गहलोत ने क्‍या मांगें रखी हैं:
केंद्र सरकार राज्यों पर लॉकडाउन का फैसला छोड़े.
स्थानीय हालात के मुताबिक लॉकडाउन का फैसला हो.
एक साथ नहीं हटना चाहिए लॉकडाउन.
केंद्र और राज्य स्तर पर एक साथ लॉकडाउन हटाना संभव नहीं.
प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की तत्काल मंजूरी मिले.
केंद्र सरकार राजस्थान को 1 लाख करोड़ का पैकेज दे.
राजस्थान को अतिरिक्त गेहूं का आवंटन किया जाए.
केंद्रीय वित्तीय संस्थाओं से राज्यों के कर्ज 6 महीने तक स्थगित किए जाएं, ब्याज भी माफ हो.
राज्यों के कर्ज लेने की सीमा बढ़ाई जाए.
मंझोले और छोटे उद्योगों को राहत पैकेज दिया जाए.
Previous
Next Post »