प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए रोडवेज की 400 बसें तैयार barmernewstrack

प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए रोडवेज की 400 बसें तैयार



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प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए रोडवेज की 400 बसें तैयार.

सरकार के आदेश बाद रोडवेज प्रशासन ने प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। रोडवेज के आला अधिकारियों ने डिपो मैनेजरों को करीब 400 से अधिक बसें डिपो पर रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रवासी राजस्थानियों को लाना का काम मंगलवार से शुरू होगा, लेकिन रोडवेज ने चार बॉर्डरों के लिए रविवार को ही बसें रवाना कर दी है। सबसे अधिक प्रवासी राजस्थानियों की संख्या एमपी में बताई जा रही है। यहां पर करीब 10 हजार लोग फंसे हुए हैं। रोडवेज अफसरों ने बताया कि एमपी से प्रवासी राजस्थानियों को लाने के लिए जैसलमेर जिला कलेक्टर को 125, गुजरात से लाने के लिए जालोर सिरोही कलेक्टर को 80, डूंगरपुर होते हुए गुजरात से आने वालों के लिए 100 और यूपी बॉर्डर से आने वालों के लिए 50 बसें भरतपुर जिला कलेक्टर को भेजी गई है। इसके अतिरिक्त भी डिमांड के अनुसार बसें कलेक्टरों को भेजी जा रही है।


बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए पूर्व प्रबंध के निर्देश ।


प्रत्येक आगंतुक को 14 दिन का होम क्वॉरेंटाइन अनिवार्य ।


बाड़मेर 26 अप्रैल। राज्य सरकार द्वारा अन्य राज्यों में फंसे राज्य के मूल निवासियों को लौटने की अनुमति देने के बाद जिले में उपखंड अधिकारियों को इस संबंध में पूर्व व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने बाहरी  राज्यों में लॉक डाउन के दौरान फंसे राज्य के मूल निवासी को लौटने की अनुमति दी है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों से आगंतुकों की संख्या में आगामी दिनों में बढ़ने की संभावना को देखते हुए समस्त उपखंड अधिकारियों को इस संबंध में अपने क्षेत्रों में पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
चेक पोस्ट पर होगा रजिस्ट्रेशन
उन्होंने बताया कि जिले में आने वाले प्रत्येक मूल निवासी का चेक पोस्ट पर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें आगंतुक का नाम, पता, मोबाइल नंबर इत्यादि भी अंकित किए जाएंगे। चेक पोस्ट पर संक्रमण की संभावना को देखते हुए पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए है।
14 दिन का होम क्वॉरेंटाइन अनिवार्य
उन्होंने बताया कि जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक आगंतुक को वायरस संक्रमण की संभावना को देखते हुए 14 दिन तक होम क्वॉरेंटाइन में रखा जाएगा। इस संबंध में स्थानीय समुदाय में जन चेतना एवं आमजन के स्वास्थ्य की रक्षार्थ होम क्वॉरेंटाइन का पालन करने की हिदायत दी गई है। अगर कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है तो उसे घर से हटाकर प्रशासन के आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा।
क्वॉरेंटाइन सेंटर पर हो पूर्ण व्यवस्थाएं
उन्होंने बताया कि  बाहर से आ रहे व्यक्तियों को अगर स्थानीय लोग गांव में प्रवेश करने नहीं दे तो ऐसी स्थिति में राजकीय भवनों में बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर मे आगंतुक को रखा जाए तथा उनके खाने-पीने सहित समस्त दैनिक आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाए।
सूचना तंत्र हो सुदृढ़
उन्होंने बताया कि निजी साधनों से आने वाले लोगों की सूचना प्रशासन को नहीं होगी अतः यह आवश्यक है कि स्थानीय स्तर पर मोहल्ले एवं गांव में सुदृढ़ सूचना तंत्र हो, जिससे आने वाले प्रत्येक आगंतुक की सूचना प्रशासन के पास उपलब्ध हो सके। इसके लिए प्रत्येक पटवारी अपने पटवार हल्का क्षेत्र के लिए उत्तरदाई होंगे। वे अपने क्षेत्र में नए आगंतुक के संबंध में तहसीलदार एवं उपखंड अधिकारी को नियमित रूप से तत्काल सूचना उपलब्ध करवाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी इस कार्य के लिए पटवारी का सहयोग करेंगे।





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